रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़े बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को इस मामले में बरी कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उस फैसले को पलटते हुए कहा कि निचली अदालत ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और गलत आकलन के आधार पर निर्णय दिया था। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा थी। सीबीआई जांच में सामने आया कि वर्ष 2003 में प्रस्तावित एनसीपी की बड़ी रैली को रोकने के उद्देश्य से यह षड्यंत्र रचा गया था, जिसके तहत राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या की गई। हाईकोर्ट ने गवाहों की गवाही, फोन कॉल डिटेल, बैठकों और कबूलनामों को आधार बनाते हुए माना कि अमित जोगी इस साजिश के मुख्य किरदार थे। अदालत ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय अनुमान और त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन पर आधारित था। फैसले के बाद अमित जोगी को जेल जाना होगा, हालांकि उन्होंने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जहां मामले की सुनवाई लंबित है।