रायपुर। केंद्र सरकार से शुक्रवार को आयुष्मान भारत योजना (शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना) के लिए 130 करोड़ रुपए मिल गए। राज्य सरकार ने 375 करोड़ रुपए जारी किए थे। इस तरह 505 करोड़ रुपए मिल गए हैं। इस फंड से अस्पतालों को भुगतान किया जा रहा है। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में प्रतिदिन 1700 के आसपास कैशलेस इलाज का क्लेम किया जा रहा है। यानी रोजाना ४ करोड़ रुपए का फ्री इलाज किया जा रहा है। योजना सरकारी व निजी अस्पतालों में चल रही है। पहले 375 करोड़ रुपए जारी होने के बाद आईएमए ने भी सभी निजी अस्पतालों को योजना के तहत मरीजों का कैशलेस इलाज करने को कहा है। हालांकि रेट रिवाइज व समय पर भुगतान करने की मांग पूरी नहीं हुई है।
118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाईः स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 375 करोड़ रुपए में जुलाई तक का 280 करोड़ रुपए का भुगतान पूरा कर दिया गया है।अस्पतालों से कहा गया है कि कार्डधारक का कैशलेस इलाज किया जाएगा। कोई भी अतिरिक्त शुल्क न लें। ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी। अब तक योजना का 118 अस्पतालों उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है।
इनमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक स्टेक होल्डर्स कार्यशाला आयोजित करेगी। इसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।
निः शुल्क इलाज नहीं किया जाएगा बंद : आईएमए के अस्पताल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र शुक्ला ने कहा कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहें।