- छत्तीसगढ़ में सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए e-KYC अनिवार्य
- घर बैठे ‘मोर बिजली’ ऐप या ऑफलाइन केंद्र से कराएं ई-केवाईसी
- e-KYC के जरिए बिजली बिल व नाम की त्रुटियों में होगा सुधार।
रायपुर। प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी सत्यापन शुरू हो गया है। प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। खास बात यह है कि उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन या बिजली वितरण केंद्र पहुंचकर ऑफलाइन ई-केवाईसी करा सकेंगे। इसके साथ ही ई-केवाईसी के माध्यम से बिजली बिल और उपभोक्ता के नाम से जुड़ी गलतियों में सुधार का रास्ता भी साफ होगा।
आधार ई-ऑथेंटिकेशन सर्विस से इंटीग्रेटेड है प्रक्रिया: OTP से होगा प्रमाणीकरण
बिजली वितरण कंपनी प्रबंधन के अनुसार ई-केवाईसी की प्रक्रिया आधार ई-ऑथेंटिकेशन सर्विस से इंटीग्रेटेड है। इसमें ओटीपी के माध्यम से उपभोक्ता का प्रमाणीकरण किया जाएगा। उपभोक्ता का आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद आधार कार्ड की प्रति उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
ई-केवाईसी के लिए ये होगा आवश्यक
स्मार्ट मीटर ई-केवाईसीः इससे उपभोक्ता का 12 अंकों का आधार नंबर के डेटाबेस से मिलाया जाता है। इससे उपभोक्ता का बिजली खाता (सीए नंबर) सत्यापित आधार से जुड़ जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड (मूल प्रति)
- आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर
- बिजली बिल में छपा सीए नंबर
- राशन कार्ड (बीपीएल कार्ड वालों के लिए)
बैंक खाता नंबरः सब्सिडी के पात्र बिजली उपभोक्ताओं के.
पासपोर्ट फोटोः केवल सीएसपीडीसीएल कार्यालयों में व्यक्तिगत बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए
तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसी
उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार तीन तरीकों से ई-केवाईसी करा सकते हैं…
- पहला: मोर बिजली ऐप के माध्यम से घर बैठे प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
- दूसरा: संबंधित वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में उपस्थित होकर ई-केवाईसी पोर्टल के माध्यम से अधिकृत कर्मचारी से सत्यापन कराया जा सकता है।
- तीसरा: क्षेत्र से संबंधित मीटर रीडर मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता से संपर्क कर ई-केवाईसी कर सकता है।
नाम में अंतर होने पर होगा सुधार: मोबाइल पर मिलेगा पुष्टि का संदेश
आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद उपभोक्ता के आधार कार्ड की प्रति अपलोड करना अनिवार्य होगा। आधार और बिजली कनेक्शन में दर्ज उपभोक्ता के नाम का शत-प्रतिशत मिलान होने पर ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी। यदि दोनों में नाम अलग है तो नाम संबंधी त्रुटि सुधारने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ई-केवाईसी पूरा होने की सूचना उपभोक्ता को मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से दी जाएगी।