- निवेश से पहले सोचें, समझें और फिर निवेश करें
भाटापारा। शासकीय गजानंद अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भाटापारा के वाणिज्य विभाग द्वारा विद्यार्थियों में वित्तीय साक्षरता एवं निवेश संबंधी जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से 25 अगस्त 2026 को ऑनलाइन इंवेस्टर अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के सहयोग से मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (MII) के माध्यम से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में SEBI से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षक श्री कुनाल गौतम मिश्रा एवं सुश्री लक्ष्मी पलवासा ने विद्यार्थियों को निवेश के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को निवेश संबंधी निर्णय लेते समय सावधानी बरतने तथा केवल विश्वसनीय एवं अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी। प्रशिक्षकों ने विशेष रूप से कहा कि निवेश संबंधी जानकारी के लिए SEBI/NSE के अधिकृत स्रोतों पर ही विश्वास करना चाहिए।
प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बेहतर निवेश के लिए लिक्विडिटी (तरलता), रिस्क (जोखिम) एवं रिटर्न (प्रतिफल) के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि निवेश का निर्णय केवल अधिक लाभ की अपेक्षा से नहीं लेना चाहिए, बल्कि निवेश की अवधि, आवश्यकता, जोखिम वहन क्षमता तथा निवेश की तरलता को ध्यान में रखकर संतुलित निर्णय लेना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया गया— “सोच कर, समझ कर, इन्वेस्ट कर।” विद्यार्थियों को बिना पर्याप्त जानकारी के निवेश करने, अफवाहों अथवा अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर वित्तीय निर्णय लेने से बचने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. A.R.C. जेम्स ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज की बचत भविष्य के लिए होती है, लेकिन बचत सही जगह होना चाहिए।” उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित बचत की आदत विकसित करने तथा अपनी बचत के उचित एवं विश्वसनीय निवेश विकल्पों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक वर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री गुप्तेश्वर साहू एवं कु. सिमरन चावला का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के B.A., B.Com. एवं B.Sc. के प्रथम, तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को जागरूक, सूचित एवं जिम्मेदार निवेशक बनने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम विद्यार्थियों में वित्तीय जागरूकता विकसित करने तथा भविष्य में विवेकपूर्ण निवेश निर्णय लेने की दिशा में उपयोगी एवं सार्थक पहल रहा।