नई दिल्ली। सोना खरीदते समय सबसे पहले जिस बात पर ध्यान जाता है, वह है उसका कैरेट (Karat)। ज्वेलर्स आमतौर पर 24K, 22K या 18K गोल्ड की बात करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने में आखिर क्या मिलाया जाता है और 24 कैरेट सोने के आभूषण कम क्यों बनाए जाते हैं। आइए समझते हैं सोने की शुद्धता, उसकी मजबूती और हजारों साल पुराने कैरेट सिस्टम की पूरी कहानी।
24 कैरेट गोल्ड से आभूषण क्यों नहीं बनते?
24 कैरेट सोना लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है। शुद्ध होने के कारण यह बेहद मुलायम होता है, इसलिए इससे टिकाऊ आभूषण बनाना कठिन होता है। हीरे, नगीनों और अन्य रत्नों की मजबूत सेटिंग के लिए सोने में दूसरी धातुओं का मिश्रण किया जाता है, जिससे उसकी मजबूती और टिकाऊपन बढ़ जाती है।
इसी कारण 24 कैरेट सोने का उपयोग मुख्य रूप से गोल्ड बार, सिक्कों और निवेश के लिए किया जाता है, जबकि आभूषणों के लिए 22K और 18K गोल्ड अधिक उपयुक्त माना जाता है।
22K और 18K गोल्ड में क्या मिलाया जाता है?
22 कैरेट गोल्ड का अर्थ है कि कुल 24 हिस्सों में से 22 हिस्से शुद्ध सोना और 2 हिस्से अन्य धातुएं होती हैं। यानी इसमें लगभग 91.6% शुद्ध सोना और 8.4% मिश्रधातु (Alloy) होती है।
इन मिश्रधातुओं में सामान्यतः शामिल हैं—
- चांदी (Silver)
- तांबा (Copper)
- जिंक (Zinc)
- आवश्यकता अनुसार निकल (Nickel) या पैलेडियम (Palladium)
इसी प्रकार—
- 20K गोल्ड : 83.3% शुद्ध सोना
- 18K गोल्ड : 75% शुद्ध सोना और 25% मिश्रधातु
18 कैरेट गोल्ड हीरे और स्टोन ज्वेलरी के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाता है क्योंकि यह अधिक मजबूत होता है।
धातुएं मिलाने का उद्देश्य केवल मजबूती नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार मिश्रधातुओं का उपयोग केवल मजबूती बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि आभूषण के रंग और फिनिश को बेहतर बनाने के लिए भी किया जाता है।
- तांबा मिलाने से हल्का लालपन आता है।
- चांदी मिलाने से हल्का पीला या सफेद टोन प्राप्त होता है।
- अलग-अलग मिश्रधातुओं से व्हाइट गोल्ड और रोज़ गोल्ड जैसे आकर्षक रंग भी तैयार किए जाते हैं।
24 कैरेट ही क्यों? 100 कैरेट क्यों नहीं?
सोने की शुद्धता 24 कैरेट में मापने की परंपरा करीब तीन हजार वर्ष पुरानी मानी जाती है। इतिहासकारों के अनुसार प्राचीन समय में कैरोब (Carob) वृक्ष के बीज वजन मापने के प्राकृतिक मानक के रूप में उपयोग किए जाते थे। बाद में ग्रीक, अरबी और इटालियन भाषाओं से विकसित होकर यही शब्द ‘कैरेट’ बन गया।
रोमन साम्राज्य के समय स्वर्ण सिक्कों को 24 भागों में विभाजित कर उनकी शुद्धता निर्धारित की जाती थी। धीरे-धीरे यही प्रणाली पूरी दुनिया में सोने की शुद्धता का मानक बन गई।
आज कैरेट का अर्थ क्या है?
| कैरेट | शुद्ध सोना |
|---|---|
| 24K | 99.9% |
| 22K | 91.6% |
| 20K | 83.3% |
| 18K | 75% |
| 14K | 58.5% |
जितना कम कैरेट होगा, उतनी अधिक मात्रा में अन्य धातुओं का मिश्रण होगा।
खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान
- हमेशा BIS हॉलमार्क वाला आभूषण खरीदें।
- आभूषण पर HUID नंबर अवश्य जांचें।
- खरीदारी के समय पक्का बिल लें।
- निवेश के लिए 24K और नियमित आभूषणों के लिए 22K या 18K गोल्ड बेहतर विकल्प माने जाते हैं। भारत में BIS द्वारा 22K (916), 18K (750), 20K (833), 23K (958) और 24K (995) सहित निर्धारित फाइननेस ग्रेड के अनुसार हॉलमार्किंग की जाती है।
बिजनेस फैक्ट
22K916 का अर्थ है कि आभूषण में 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना है, जबकि 18K750 का अर्थ 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। यही अंक आभूषण की वास्तविक शुद्धता का संकेत देते हैं और BIS हॉलमार्क के साथ उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्ता की महत्वपूर्ण पहचान हैं।