रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (GST विभाग) के सहयोग से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और उसके निवारक उपायों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि समीर वानखेड़े, अतिरिक्त आयुक्त (करदाता सेवा महानिदेशालय, चेन्नई) रहे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों और युवाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही छात्रों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने अतिथि वक्ता से विभिन्न प्रश्न भी पूछे।
विशेष अतिथि शैलेन्द्र, क्षेत्रीय निदेशक (GST), ने भी नशे के सामाजिक और मानसिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से अपील की कि वे ऐसे पदार्थों से दूर रहें और जागरूकता का संदेश फैलाएं।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. उमेश गुप्ता, डीन (बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज), ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि छात्र नकारात्मक प्रवृत्तियों से बच सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलाधिपति गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के.पी. यादव, महानिदेशक प्रियेश पगारिया और रजिस्ट्रार गोकुलानंद पांडा ने की। उन्होंने छात्रों से नशे की गतिविधियों से दूर रहने की अपील करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आयोजन के लिए विभाग को बधाई दी।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और प्रोफेसरों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और समूह फोटो सत्र के साथ किया गया।