कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे टर्बाइन सेक्शन में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते टर्बाइन हॉल घने धुएं से भर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
तुरंत काबू में आई आग
घटना की सूचना मिलते ही प्लांट के दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर भेजीं। दमकल कर्मियों की सतर्कता से आग को जल्द ही काबू में कर लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल सभी कर्मचारियों को पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल, सेक्टर-9 भिलाई में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी घायलों को हाथ-पैर में जलने और चोटें आई हैं, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जांच के आदेश
प्रारंभिक जानकारी में शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रबंधन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
कर्मचारी हित में बीएसपी वर्कर्स यूनियन की मांग
इस हादसे में कहीं ना कहीं ठेका श्रमिकों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है.क्योंकि उनकी सुरक्षा को लेकर बीएसपी प्रबंधन को उचित कदम उठाने चाहिए.हमारी यही मांग है कि प्लांट में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करे,ताकि हादसों को रोका जा सके- अमित बर्मन, उपाध्यक्ष, बीएसपी वर्कर्स यूनियन