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नांदगांव के सोमनी में स्थापित होगा मेगा मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट

  • 400 करोड़ की इस सौगात से सृजित होंगे 6 हजार से अधिक रोजगार

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को एक नई और विराट दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में एक विशाल मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के तकनीकी सहयोग और माध्यम से आकार लेने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अनुमानित रूप से लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस यूनिट के स्थापना से न केवल स्थानीय स्तर पर फलों और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विंध्य व मैकल क्षेत्र के किसानों की आय में भी जबरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है।
स्थानीय युवाओं और किसानों के लिए रोजगार के नए द्वार
राज्य शासन के इस निर्णय से क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व गति मिलेगी। अनुमान के मुताबिक, इस प्लांट के शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 6,000 से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं, कृषि स्नातकों और ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
किसानों को मिलेगा उपज का बेहतर मूल्य
छत्तीसगढ़ के इस प्रमुख हिस्से में बागवानी फसलों (फलों और सब्जियों) की बंपर पैदावार होती है, लेकिन उचित प्रोसेसिंग यूनिट और कोल्ड चेन के अभाव में किसानों को कई बार औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ती थी। सोमनी में मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट के लग जाने से किसानों को उनकी उपज का सही और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा। साथ ही, फसल की बर्बादी में भी भारी कमी आएगी।
सरकार के इस कदम को राज्य में कृषि-उद्योगों को बढ़ावा देने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।