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NEET UG के बिना नहीं मिलेगा पैरामेडिकल में एडमिशन, प्रदेश में लागू हुआ नया नियम

प्रदेश में पैरामेडिकल कोर्सेस में दाखिले की राह देख रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। पिछले दो साल (2024 और 2025) तक जीरो ईयर रहने के बाद, अब नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के 10 प्रमुख पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में नीट-यूजी के जरिए प्रवेश दिया जाएगा। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस ने यह नया नियम छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में अनिवार्य कर दिया है।

NEET Latest Update: 2 साल में छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ा

21 जून को आयोजित हुई री-नीट के बाद, इस माह के अंत तक नीट यूजी का परिणाम आने की संभावना है, जिसके तुरंत बाद ऑनलाइन काउंसिलिंग शुरू होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की दो साल की घोर लापरवाही के कारण छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। विभाग ने सत्र 2024 और 2025 में प्रवेश न होने की सूचना तक जारी नहीं की, जिससे कई होनहार छात्रों के साल बर्बाद हो गए और कइयों को मजबूरी में गैर-मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों की शरण लेनी पड़ी।

2 साल में छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ा

21 जून को आयोजित हुई री-नीट के बाद, इस माह के अंत तक नीट यूजी का परिणाम आने की संभावना है, जिसके तुरंत बाद ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की दो साल की घोर लापरवाही के कारण छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। विभाग ने सत्र 2024 और 2025 में प्रवेश न होने की सूचना तक जारी नहीं की, जिससे कई होनहार छात्रों के साल बर्बाद हो गए और कइयों को मजबूरी में गैर-मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों की शरण लेनी पड़ी।

नए नियमों के लागू होने के बाद अब कोई भी निजी या सरकारी कॉलेज किसी भी छात्र को सीधे (डायरेक्ट) प्रवेश नहीं दे सकेगा। वर्तमान में विभाग बीपीटी की 300 और पैरामेडिकल की 250 सीटों पर मेरिट से प्रवेश देता है, लेकिन अब बिना नीट क्वालिफाई किए प्रवेश नामुमकिन होगा। इससे बिना मान्यता एक-एक कमरे में चल रहे फर्जी पैरामेडिकल संस्थानों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

बीपीटी में अब सालभर की इंटर्नशिप

नए नियमों के तहत बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी कोर्स की इंटर्नशिप अवधि को 6 माह से बढ़ाकर अब 12 माह (एक वर्ष) कर दिया गया है। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेजों की तर्ज पर अब इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी के कड़े मापदंड पूरे करने पर ही कॉलेजों को मान्यता मिलेगी। मानकों के आधार पर ही सीटें घटाई या बढ़ाई जा सकेंगी।

Paramedical Courses: इन 10 पैरामेडिकल कोर्स के बदले नियम

बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी ऑक्यूपेशनल थैरेपी
मेडिकल लेबोरेटरी एवं लाइफ साइंस, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, बायो केमिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट आदि।
ट्रॉमा, बर्न व सर्जिकल एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी: ओटी और एंडोस्कोपी टेक्नीशियन आदि।
न्यूट्रिशनल साइंस: क्लीनिकल डायटिशियन और स्पोट्स न्यूट्रिशनिस्ट।
ऑप्थेलमिक साइंस: ऑप्टोमेट्रिस्ट व ऑप्थेलमिक असिस्टेंट।
कम्युनिटी केयर व बिहेवियरल हेल्थ साइंस: साइकोलॉजिस्ट, सोशल वर्कर, काउंसलर आदि।
मेडिकल रेडियोलॉजी व इमेजिंग टेक्नोलॉजी: मेडिकल फिजिसिस्ट, एमआरआई-सीटी टेक्नीशियन।
मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट व फिजिशियन एसोसिएट: बायोमेडिकल इंजीनियर, डायलिसिस टेक्नीशियन।
हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट: मेडिकल रिकॉर्ड एनालिस्ट व क्लीनिकल कोडर।