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ओडिशा के जिन्दल स्पोर्ट्स हॉस्टल के खिलाड़ियों ने मास्को वुशू स्टार इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2025 में जीते स्वर्ण पदक

रायपुर। भारतीय खेल जगत को तब एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई जब ओडिशा के बड़बिल स्थित जिन्दल स्पोर्ट्स हॉस्टल के दो वुशू खिलाड़ियों – प्रेम मुंडा और राजकुमार मुंडा ने रूस के मास्को में 1 से 7 जून तक आयोजित प्रतिष्ठित मास्को वुशू स्टार इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।ओडिशा के जिन्दल स्पोर्ट्स हॉस्टल के खिलाड़ियों ने मास्को वुशू स्टार इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2025 में जीते स्वर्ण पदक IMG 20250610 WA0010 ओडिशा के जिन्दल स्पोर्ट्स हॉस्टल के खिलाड़ियों ने मास्को वुशू स्टार इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2025 में जीते स्वर्ण पदक IMG 20250610 WA0009
पुरुषों के वरिष्ठ संवर्ग 48 किलोग्राम और 52 किलोग्राम श्रेणी में प्रेम और राजकुमार ने मेजबान देश रूस के शीर्ष खिलाड़ियों को हराकर देशवासियों को गर्वान्वित किया। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय वुशू के लिए मील का पत्थर है।
जिन्दल स्पोर्ट्स हॉस्टल, बड़बिल की स्थापना क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी बच्चों की प्रतिभा के विकास के उद्देश्य से जिन्दल स्टील एंड पावर की सीएसआर शाखा जिन्दल फाउंडेशन द्वारा चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल के मार्गदर्शन में किया गया है।
इस उपलब्धि पर प्रेम मुंडा और राजकुमार मुंडा को बधाई देते हुए जेएसपी के चेयरमैन और हरियाणा के कुरुक्षेत्र से सांसद श्री नवीन जिन्दल ने कहा, “यह हम सभी के लिए गर्व का पल है। प्रेम और राजकुमार की यह सफलता न केवल भारतीय खेलों की जीत है, बल्कि समान अवसर और संघर्ष की क्षमता का उत्सव भी है। मैं दोनों ही खिलाड़ियों के संकल्प और साहस को सलाम करता हूं और ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को संवारने के लिए जिन्दल फाउंडेशन की पूरी टीम को बधाई देता हूं।”
जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने खिलाड़ियों कि उपलब्धि पर कहा,
“ मास्को में इनकी सफलता की यात्रा सुदूर गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की एक प्रेरणादायक कहानी है। जिन्दल फाउंडेशन प्रतिभाओं का सहयोग कर उनके सपनों को पंख देने में विश्वास करता है। ये स्वर्ण पदक इनके समर्पण और मेहनत को समर्पित हैं। मैं प्रेम और राजकुमार को उनकी शानदार सफलता और अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनने के लिए बधाई देती हूं।”
प्रेम और राजकुमार की यात्रा वर्ष 2012 में तब शुरू हुई थी, जब जिन्दल फाउंडेशन ने क्योंझर जिले के देवझर क्षेत्र में सीएसआर कार्यक्रम के तहत बच्चों को वुशू प्रशिक्षण देना शुरू किया था। वर्ष 2023 से जिन्दल स्पोर्ट्स हॉस्टल, बड़बिल का संचालन हो रहा है, जहां इन बच्चों को शीर्ष स्तर का प्रशिक्षण दिलाने के साथ-साथ उनकी शिक्षा और पोषण की भी व्यवस्था की गई है। मास्को में हुई प्रतियोगिता के लिए प्रेम और राजकुमार का चयन देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय शिविर में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुई।
प्रेम और राजकुमार के साथ-साथ जिन्दल फाउंडेशन ने स्वेता रानी, बबलू और मंजू मुंडा जैसी प्रतिभाओं को भी तराशा है, जिन्होंने ब्राजील, ब्रुनेई और मास्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिताओं में स्वर्ण व रजत पदक जीते हैं।
जिन्दल फाउंडेशन पूरे भारत में 30,000 से अधिक ग्रामीण और आदिवासी खिलाड़ियों सहयोग प्रदान कर रहा है, जिनमें मार्शल आर्ट्स, महिला और पुरुष हॉकी, महिला फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी और क्रिकेट शामिल हैं।