You are currently viewing 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन करने वाली प्रथम भारतीय खनन कंपनी बनी एनएमडीसी, रचा कीर्तिमान

50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन करने वाली प्रथम भारतीय खनन कंपनी बनी एनएमडीसी, रचा कीर्तिमान

  • NMDC ने 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया।
  • एक वित्त वर्ष में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय कंपनी।
  • भारत की इस्पात उत्पादन क्षमता लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क (आयरन ओर) उत्पादक कंपनी एनएमडीसी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के खत्म होने से पहले ही 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही एनएमडीसी एक ही वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी बन गई है।

सरकारी बयान के अनुसार, यह उपलब्धि न सिर्फ कंपनी की उत्पादन क्षमता को दर्शाती है, बल्कि भारत की आयरन ओर सप्लाई चेन में एनएमडीसी की मजबूत भूमिका को भी दिखाती है। एनएमडीसी की स्थापना 1958 में भारत के लौह अयस्क संसाधनों के विकास के उद्देश्य से की गई थी। इस सरकारी कंपनी को इस्पात मंत्रालय के तहत ‘नवरत्न सीपीएसई’ का दर्जा प्राप्त है।

10 मिलियन से 50 मिलियन टन तक का सफर

कंपनी ने 1978 में लगभग 10 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया था। लेकिन, पिछले कई दशकों में उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है। अब वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो करीब पांच गुना बढ़ोतरी को दर्शाता है।

सरकारी बयान में कहा गया है कि यह उपलब्धि एनएमडीसी के धीरे-धीरे भारत की आयरन ओर सप्लाई चेन की रीढ़ बनने की यात्रा को दर्शाती है। एनएमडीसी की वृद्धि विशेष रूप से पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज हुई है। कंपनी का उत्पादन 2015 में लगभग 30 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है। पिछले करीब एक दशक में उत्पादन में करीब दो-तिहाई की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि वर्तमान उत्पादन क्षमता का लगभग एक-पांचवां हिस्सा पिछले चार वर्षों में ही जोड़ा गया, जो कंपनी के इतिहास का सबसे तेज विस्तार माना जा रहा है।

”50 मिलियन टन उत्पादन तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है और यह एनएमडीसी 2.0 के तहत हमारे मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। जिस क्षमता को बनाने में पहले दशकों लगे, उसे हमने बेहतर कार्यान्वयन, जिम्मेदार खनन और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए कुछ ही वर्षों में तेज कर दिया है -चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमितवा मुखर्जी, एनएमडीसी लिमिटेड”

उन्होंने यह भी बताया कि देश की सबसे बड़ी आयरन ओर उत्पादक कंपनी होने के नाते एनएमडीसी पर बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी की खदानें मुख्य रूप से खनिज संपन्न राज्यों छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में स्थित हैं, जहां अत्याधुनिक और बड़े पैमाने पर मशीनीकृत खनन किया जाता है। एनएमडीसी देश की आयरन ओर सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती है।

कंपनी का भविष्य में भी ध्यान ऑपरेशनल उत्कृष्टता, नई तकनीकों के उपयोग और जिम्मेदार खनन पर रहेगा, ताकि विकास के अगले चरण को हासिल किया जा सके।

भारत ने 2030 तक इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 मिलियन टन तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में देश में लौह अयस्क की स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना एक रणनीतिक प्राथमिकता है, जिसमें एनएमडीसी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।