राजनांदगांव के 10 प्रमुख उद्योगों ने 53.03 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता के सोलर प्लांट लगाए हैं। यह पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया कदम है। इनमें हीरा स्टील (खैरझीटी) 17 मेगावॉट, एबीस एक्सपोर्ट (बड़भूम डोंगरगांव) 15 मेगावॉट, डोंगरगांव पेपर मिल 11 मेगावॉट, राजाराम मेज प्रोडक्ट 8 मेगावॉट, सिम्प्लेक्स इंजीनियरिंग 660 किलोवॉट, धनलक्ष्मी पेपर मिल (डोंगरगांव) 650 किलोवॉट, क्रेस्ट स्टील 300 किलोवॉट, बरार इंडिया 150 किलोवॉट, यूनीफैब्स स्लीपर (डोंगरगढ़) 145 किलोवॉट और श्रीराम सीमलेश 125 किलोवॉट शामिल हैं।
सौर ऊर्जा से उद्योगों की ग्रिड पर निर्भरता कम हुई है। इससे बिजली बिल में राहत मिली और उत्पादन लागत कंट्रोल हो रही है। कार्बन उत्सर्जन भी घटा है प्रशासन ने अन्य इकाइयों से भी सोलर पैनल लगाने की अपील की है, जिससे राजनांदगांव स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र बन सके।