जांजगीर- चांपा। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर विस्फोट में 13 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक मजदूर झुलस गए। धमाका इतना जोरदार था कि पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, वहीं लापता मजदूरों की तलाश देर शाम तक जारी रही। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये सहायता देने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपानो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जबकि प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए हर संभव सहायता और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।