मृतक रामचरण वर्मा के पुत्र राजकुमार वर्मा ने बताया कि उनके पिता को पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने तीन बार ऑपरेशन किया, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों के अनुसार गले का भी ऑपरेशन किया गया।
राजकुमार ने आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना के कार्ड के माध्यम से 2.71 लाख रुपये लिए गए, जबकि दवाइयों और अन्य उपचार के नाम पर करीब 15 लाख रुपये की मांग की गई। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा अब तक 10 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं। साथ ही ऑपरेशन के नाम पर 5 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे गए। उनका कहना है कि यह प्राकृतिक मृत्यु नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम है। परिजनों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है।
वहीं, उर्मिला मेमोरियल अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की ओर से इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है और केवल निर्धारित उपचार शुल्क ही लिया गया है। उन्होंने अवैध वसूली के आरोपों से भी इनकार किया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शव परिजनों को सौंप दिया गया है।