रायपुर। औद्योगिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से जायसवाल निको प्लांट में प्रोपेन गैस लीक की इमरजेंसी मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मचारियों को आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं त्वरित रिस्पॉन्स की विस्तृत जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल में एसएमएस ऑक्सीजन प्लांट, ईआरएस तथा प्रोजेक्ट बिल्डिंग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभ्यास के दौरान प्रोपेन गैस लीक की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई, जिसमें सुरक्षा, रेस्क्यू, मेडिकल एवं अन्य विभागों की टीमों ने समन्वित रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने का प्रशिक्षण देना, उनकी तैयारी, समन्वय क्षमता तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था का मूल्यांकन करना था। इस दौरान पड़ोसी कंपनियों सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड और इस्पात गोदावरी लिमिटेड की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों ने भी त्वरित सहयोग प्रदान किया।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रभावित कर्मचारियों को एंबुलेंस के माध्यम से सुरक्षित रूप से प्लांट के ओएचसी पहुंचाया गया। वहीं लीक प्रभावित क्षेत्र के आसपास कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर हेड काउंट प्रक्रिया भी पूरी की गई। इस दौरान फैक्ट्री असिस्टेंट डायरेक्टर श्री विवेक चेलकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ ऑब्जर्वर के रूप में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इस प्रकार की मॉक ड्रिल को औद्योगिक सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।