रायपुर। उरला औद्योगिक क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने उद्योग संगठनों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की पहल शुरू की है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों के साथ चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं, विभिन्न राज्यों से आने वाले कॉन्ट्रैक्ट श्रमिकों का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य किया जाएगा।
इस संबंध में बुधवार को पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) दीपमाला कश्यप की अध्यक्षता में उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार, लेबर वेरिफिकेशन, निजी सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीसीपी दीपमाला कश्यप ने कहा कि कई मामलों में घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं होने से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मार्गों पर कैमरे लगाए जाने से अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। उन्होंने उद्योग संगठनों से जनसहयोग के माध्यम से जल्द से जल्द सीसीटीवी नेटवर्क विकसित करने की अपील की।
बैठक में उद्योग प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि अपने यहां कार्यरत सभी कॉन्ट्रैक्ट श्रमिकों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं तथा लेबर ठेकेदारों का अद्यतन रिकॉर्ड संधारित रखें। समय-समय पर ठेकेदारों और श्रमिकों के साथ बैठक आयोजित कर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया।
निजी सुरक्षा गार्डों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध घटना की तत्काल सूचना पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया।
पुलिस का मानना है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत निगरानी व्यवस्था और उद्योगों की सक्रिय भागीदारी से उरला औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा चोरी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।