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सीआईआई छत्तीसगढ़ का दो दिवसीय एमएसएमई कॉनक्लेव 2.0 कल 28 सितंबर से

  • उद्योग को बढ़ावा, वित्त, व्यापार में सुगमता और एआई पर रहेगा फोकस
  • उप मुख्यमंत्री शर्मा और उद्योग मंत्री देवांगन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करने की संभावना

रायपुर। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), छत्तीसगढ़ द्वारा 28 और 29 सितंबर 2026 को होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट, रायपुर में एमएसएमई कॉन्क्लेव के दूसरे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। सीआईआई छत्तीसगढ़ एमएसएमई पैनल द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव की थीम नवाचार और सतत औद्योगिक विकास के माध्यम से एमएसएमई का सशक्तिकरण है, जिसमें प्रदेशभर से नीति निर्माता, वरिष्ठ शासकीय अधिकारी, बैंकर, औद्योगिक संगठन, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्यमी शामिल होंगे।

28 सितंबर को होने वाले उद्घाटन सत्र को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल संबोधित करेंगे। इस अवसर पर सीएसआईडीसी द्वारा प्रदेश में रैम्प (रेजि़ंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) कार्यक्रम पर प्रस्तुति भी दी जाएगी। प्रेस वार्ता में सीआईआई छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष बजरंग गोयल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को 8.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। हर बड़ी परियोजना को सैकड़ों स्थानीय सप्लायर्स की ज़रूरत होती है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ के एमएसएमई ये ऑर्डर पाने के लिए तैयार रहें। यह कॉन्क्लेव वित्त, तकनीक और व्यापार में सुगमता पर केंद्रित है।

28 सितंबर को कॉन्क्लेव के पहले दिन एमएसएमई वित्तपोषण, व्यापार में सुगमता, छोटे उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और एसएमई से बड़ी कंपनी तक के सफर पर सीईओ राउंडटेबल सहित चार सत्र होंगे, जिनमें वरिष्ठ शासकीय अधिकारी, औद्योगिक संगठनों के अध्यक्ष और उद्यमी वक्ता होंगे। 29 सितंबर को सीआईआई द्वारा एमएसएमई के लिए टोटल प्रोडक्टिव मेंटेनेंस (टीपीएम) और काइज़ेन विद एआई पर एक सशुल्क, व्यावहारिक शॉप-फ्लोर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका शुल्क प्रति प्रतिभागी 2,000 + जीएसटी है। कार्यक्रम का निर्धारित समय प्रातः 10:30 से संध्या 5:30 का निर्धारित है। 170 से 180 प्रतिभागी ही हो सकेंगे शामिल।

सीआईआई छत्तीसगढ़ एमएसएमई पैनल के संयोजक आदित्य मूंदड़ा ने कहा, हमने कॉन्क्लेव को अपने सदस्यों के वास्तविक सवालों के इर्द-गिर्द तैयार किया हैः समय पर ऋण कैसे मिले, अनुपालन का बोझ कैसे घटे, और बिना बड़े बजट के नई तकनीक का उपयोग कैसे हो। एमएसएमई पैनल कॉन्क्लेव की प्रमुख सिफारिशों को संकलित कर राज्य सरकार और एमएसएमई मंत्रालय को सौंपेगा।

देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक-तिहाई और निर्यात में लगभग आधा योगदान एमएसएमई का है। देशभर में 7.8 करोड़ से अधिक उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं, जिनमें से 13.4 लाख से अधिक छत्तीसगढ़ में हैं। स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मा और एग्रो-प्रोसेसिंग में प्रदेश में आ रहे बड़े निवेश के बीच, स्थानीय एमएसएमई को मज़बूत करना रोज़गार सृजन की कुंजी है।

सीआईआई छत्तीसगढ़ राज्य परिषद ने उद्यमियों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया और उद्योग जगत की आवाज़ जनता तक पहुँचाने में निरंतर सहयोग के लिए मीडिया का आभार व्यक्त किया।