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पर्यावरण विभाग का दावा निगरानी से सुधरी रायपुर की आबोहवा

  • 15 माह में 96 उद्योगों को नोटिस, 3.03 करोड़ का जुर्माना भी।
  • रायपुर की आबोहवा अच्छी से मध्यम श्रेणी की

रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने प्रदेश में प्रदूषण के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ते हुए औद्योगिक इकाइयों पर अपनी निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। मंडल का दावा है कि पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ की गई कड़ी कारवाई का ही परिणाम है कि रायपुर की वायु गुणवत्ता में वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में लगभग प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अंतर्गत आने वाले जिलों रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद में औद्योगिक गतिविधियों की सघन जांच की गई। जनवरी 2025 से मई 2026 तक की अवधि में मंडल ने मान‌कों का उल्लंघन करने वाले 96 उद्योगों को नोटिस जारी किए। प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 82 औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से उत्पादन बंद करने अथवा विद्युत कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए गए। मंडल द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नियमों को ताक पर रखने वाले उद्योगों पर भारी आर्थिक दंड भी अधिरोपित किया गया है। इन 96 उद्योगों पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार 125 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। बिना तारपोलिन, तिरपाल ढंक कच्चे माल का परिवहन करने वाले 136 संस्थानों पर 51 लाख 2 हजार 323 रुपए का दंड लगाया गया है। पूर्व अनुमति के बिना फ्लाई एश प्रबंधन करने वाले 2 उद्योगों पर 12 लाख की पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली की गई।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में रायपुर शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 65.38 था, जो वर्ष 2025 में घटकर 62.86 दर्ज किया गया। मंडल का कहना है कि यह सुधार उद्योगों पर निरंतर निगरानी और समयबद्ध निरीक्षण का परिणाम है। वर्तमान में, रायपुर का एक्यूआई 50 से 84 के बीच ‘अच्छी से मध्यम’ श्रेणी में बना हुआ है।

रायगढ़ की आबो हवा खराब

औद्योगिक हब रायगढ़ में भी मंडल ने प्रदूषण के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस वर्ष जनवरी से मई 2026 के बीच, मंडल ने 25 उद्योगों पर कार्रवाई करते हुए 79 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला है। इसमें 8 उद्योगों पर मानक उल्लंघन के लिए 3 लाख 22 हजार रुपए और फ्लाई ऐश प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का पालन न करने वाले 17 उद्योगों पर 76 लाख 20 हजार 255 रुपए की भारी-भरकम राशि बतौर जुर्माना अधिरोपित की गई है। हालांकि, रायगढ़ का वर्तमान एक्यूआई 89 से 108 के बीच ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है, जिस पर विभाग का विशेष ध्यान है।

नियमों से समझौता नहीं

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंडल के अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। आने वाले समय में उद्योगों पर निगरानी और भी तेज की जाएगी, ताकि राज्य के अन्य शहरों की वायु गुणवत्ता में भी अपेक्षित सुधार लाया जा सके। प्रशासन का संदेश साफ है, उद्योगों को विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति भी पूर्णतः जवाबदेह रहना होगा।