- औद्योगिक सेक्टर के लिए हाल ही में जारी नई अधिसूचना से खासी हलचल मची हुई है। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों को अब अपना उत्पादन कार्बन उत्सर्जन की तय सीमा के दायरे में करना होगा।
रायपुर। औद्योगिक सेक्टर के लिए हाल ही में जारी नई अधिसूचना से खासी हलचल मची हुई है। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों को अब अपना उत्पादन कार्बन उत्सर्जन की तय सीमा के दायरे में करना होगा। मसौदे में प्रोत्साहन और जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। जो यूनिट कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाएगी, उन्हें कार्बन क्रेडिट मिलेगी, यानी फायदा होगा।
तय सीमा से अधिक उत्सर्जन पर कार्बन क्रेडिट खरीदकर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के रूप में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा, लेकिन जो इकाई अधिसूचना नियमों का उल्लंघन करती पाई जाएगी, उस पर दोगुना जुर्माना भी लग सकता है। यह कदम औद्योगिक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ग्रीन हाउसेस गैसों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। इसके दायरे में छत्तीसगढ़ की दर्जनभर औद्योगिक इकाइयों सहित देशभर की 100 से अधिक यूनिट सूचीबद्ध की गई हैं, जिसमें स्टील, एल्युमिनियम व अन्य भारी उद्योग शामिल हैं।