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NEET 2026 पेपर लीक विवाद गहराया: छग सिविल सोसाइटी ने शिक्षा मंत्री और NTA हटाने की उठाई मांग

  • प्रत्येक परीक्षार्थी को एक-एक लाख रुपए का हर्जाना मिले।
  • पीएम को भेजा ज्ञापन

रायपुर। नीट-यूजी 2026 परीक्षा में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक से स्तब्ध छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने कहा कि एनटीए की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा में गड़बड़ी की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। NEET 2026 पेपर लीक विवाद गहराया: छग सिविल सोसाइटी ने शिक्षा मंत्री और NTA हटाने की उठाई मांग IMG 20260514 WA0003
उन्होंने कहा कि जब अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं व्यवस्थित ढंग से आयोजित हो सकती हैं, तब नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में बार-बार अनियमितताएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि नीट-यूजी 2026 में हुई कथित विफलताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री और एनटीए के संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा धर्मेंद्र प्रधान एवं संपूर्ण NTA को तत्काल बर्खास्त किया जाए।

साथ ही परीक्षा में शामिल 22 लाख छात्रों को मानसिक तनाव और समय की क्षति के लिए मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी की मांग है कि प्रत्येक परीक्षा परीक्षार्थी को ₹100000 का हर्जाना मुहैया कराया जाए तथा उसकी भरपाई NTA के दोषी अधिकारियों एवं षडयंत्रकारियों की संपत्ति को नीलाम करके हो।

डॉ. सोलंकी ने वर्तमान एनटीए व्यवस्था को समाप्त कर नई पारदर्शी प्रणाली लागू करने तथा छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसके लिए नीट परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित करने का स्थायी प्रावधान बनाने की मांग भी की है।उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार का त्वरित हस्तक्षेप जरूरी है।