- राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नए वित्तीय वर्ष के लिए टैरिफ (बिजली दरों) की घोषणा कर दी है, जिसके तहत बिजली के दामों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है।
- विद्युत वितरण कंपनी ने दिया था 24% वृद्धि का प्रस्ताव।
रायपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को सोमवार को बड़ा झटका लगा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 15 जून को नई टैरिफ दरें जारी कर दी है। इसके तहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं की बिजली महंगी हो गई है। घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू (व्यावसायिक) उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
औसत रूप से सभी श्रेणियों में 6.23 फीसदी की वृद्धि की गई है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। सीएसपीडीसीएल ने 6,304 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा दिखाकर करीब 24 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव दिया था। जन-सुनवाई के बाद आयोग ने 1,662 करोड़ का घाटा ही मान्य किया और 6.23 फीसदी की वृद्धि तय की। गौरतलब है कि पिछले वर्ष (2025) 1.89 फीसदी और वर्ष 2024-25 में 8.35 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। दरों में वृद्धि के साथ-साथ नियामक आयोग ने कुछ वर्गों को विशेष राहत देने के भी प्रयास किए हैं।
स्थानीय निकायों के कार्यालयों, आवास बोर्ड की कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति को अब ‘गैर-घरेलू’ के बजाय ‘घरेलू’ श्रेणी में स्थानांतरित किया गया है। इसी तरह ग्रामीण और बस्तर अंचल के सभी छात्रावासों को भी घरेलू श्रेणी में लाकर उन्हें किफायती दर का लाभ दिया गया है। आदिवासी क्षेत्रों के मोबाइल टावरों के लिए ऊर्जा शुल्क में 25 फीसदी की विशेष छूट की घोषणा की गई है, और गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंपों के लिए ऊर्जा प्रभार में छूट 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है।
- वृद्धि दर प्रति वर्ष
- 2020-21 – 0.00%
- 2021-22 + 6.19%
- 2022-23 + 2.31%
- 2023-24 – 0.00%
- 2024-25 + 8.35%
- 2025-26 – 1.89%
- 2026-27 + 6.23%
- घरेलू उपभोक्ता:-
- प्रति यूनिट दर – पुरानी दर – नई दर
- 100 – ₹4.10 -4.40
- 200 – ₹4.20 – 4.50
- 400 – ₹5.60 – 6.00
- 600 – ₹6.60 – 7.00
- गैर घरेलू उपभोक्ता :-
- सिंगल फेज
- 0-100 – ₹6.30 – 6.50
- 101-400 – ₹7.30 – 7.60
- 400 अधिक – ₹8.70 – 9.10
- 3 फेज
- 0-400 – ₹7.30 – ₹8.70
- 401 अधिक – ₹7.50 – 9.00
ईवी को 10% की छूट
आयोग ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए चार्जिंग टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर यानी ₹7.13/ यूनिट किया गया है। इसके अलावा, राज्य की महिला शक्ति को समर्थन देने के लिए पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर ऊर्जा प्रभार में 10 फीसदी की छूट जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
महत्वपूर्ण निर्णय
1. निकाय कार्यालयों, आवास बोर्ड की कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति को गैर-घरेलू / सार्वजनिक से घरेलू श्रेणी में स्थानांतरित किया गया।
2. ग्रामीण और बस्तर अंचल के सभी छात्रावासों को ‘घरेलू’ श्रेणी में शामिल किया गया।
3. गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंपों के ‘ऊर्जा प्रभार में छूट 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत की गई।
4. आदिवासी क्षेत्रों के मोबाइल टावरों को 25% छूट मिलेगी।
5. विलंबित भुगतान अधिभार (सर्चार्ज) को 1.5% प्रतिमाह से घटाकर 0.04% प्रतिदिन किया।