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रिस्क ट्रस्ट बेस बिजनेस पर जोर से उद्यमिता विकास को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य

  • 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को फ़ायदा 
  • छोटे कारोबारों को मिलेगी आसान मंजूरी, सेल्फ सर्टिफिकेशन और ऑटो अप्रूवल जैसी सुविधाओं से

रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र में पारित छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए जोखिम आधारित (रिस्क बेस्ड) एवं विश्वास आधारित (ट्रस्ट बेस्ड) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू होगा। विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की ओर से पेश किया गया छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए जोखिम आधारित (रिस्क बेस्ड) एवं विश्वास आधारित (ट्रस्ट बेस्ड) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू होगा इस सुधार से राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। विधेयक का उद्देश्य उद्योगों व कारोबार की स्थापना और संचालन संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, अनावश्यक अनुपालनों को कम करना व विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए अधिक पारदर्शी, तेज और उद्यम अनुकूल व्यावसायिक वातावरण तैयार करना है।

कम जोखिम वाले कारोबार को त्वरित मंजूरीः

विधेयक के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का वर्गीकरण उनके आकार व गतिविधियों की प्रकृति के आधार पर विभिन्न जोखिम श्रेणियों में किया जाएगा। कम जोखिम वाले छोटे कारोबारों को सरल एवं त्वरित मंजूरी मिलेगी, जबकि अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं लिए आवश्यक तकनीकी परीक्षण व समयबद्ध स्वीकृति की व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी।

लाइसेंस नवीनीकरण से मिलेगी राहत

नई व्यवस्था के अंतर्गत कम जोखिम वाले उद्यमों में बार-बार होने वाले विभागीय निरीक्षणों के स्थान पर सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा लाइसेंसधारी अभियंता, आर्किटेक्ट या अन्य अधिकृत पेशेवरों द्वारा प्रमाणन की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे अनुमतियों की प्रक्रिया तेज, सरल और अधिक जवाबदेह बनेगी। विधेयक के तहत हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति के नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त कर जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली लागू की जाएगी।

तय समय से देरी हुई तो ऑटो अप्रूवल

एमएसएमई इकाइयों के लिए जल प्रदाय संबंधी अनुमति स्व-घोषणा के आधार पर, सोसायटी अथवा फर्म का पंजीयन समयबद्ध प्रक्रिया से तथा भवन अनुज्ञा सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाण-पत्र के आधार पर प्रदान की जा सकेगी।

8 विभाग 43 सेवा दायरे में विधेयक के अंतर्गत राज्य शासन के

8 विभागों द्वारा प्रदान की जाने वाली 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली के दायरे में शामिल किया गया है। आवश्यकता अनुसार कार्यपालिका परिषद की मंजूरी से अतिरिक्त सेवाएं भी इसमें जोड़ी जा सकेंगी। विधेयक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है।

इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ की होगी स्थापना

विधानसभा में छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक को भी ध्वनिमत से पारित – किया गया। इसे छत्तीसगढ़ में निवेश -को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए विधेयक में निवेश प्रोत्साहन, निवेशक सुविधा, एकल-खिड़की मंजूरी, निर्यात प्रोत्साहन और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एकमात्र नोडल एजेंसी के रूप में इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ की स्थापना की जाएगी।

प्लास्टिक पर होगी सख्ती

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन प्लास्टिक का मुद्दा सदन में गूंजा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर प्रतिबंध और निष्पादन के लिए सख्त नियम को लेकर अशासकीय संकल्प पेश किया। चर्चा के दौरान प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल और इसके दुष्प्रभावों को लेकर पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने चिंता जताई, लेकिन अशासकीय संकल्प सहमति से वापस ले लिया गया। चर्चा के दौरान पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने सरकार की ओर से और सख्ती से कार्रवाई का भरोसा ‘दिया।’ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि प्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभाव से मानव शरीर, पर्यावरण के साथ जीव-जंतुओं में इसका विपरीत प्रभाव देखने को मिल रहा है। विधायक राजेश मूणत ने कहा कि 40 माइक्रोन प्लास्टिक के दायरा को और नीचे किया जाना चाहिए।

विपक्ष ने भी जताई चिंताः कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने माइक्रो प्लास्टिक के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि अब गांवों में भी प्लास्टिक के पत्तल और दोने पहुंच गए हैं।