- घी, पनीर से लेकर कार-बाइक्स तक सब कुछ हो गया सस्ता, हेल्थ लाइफ इंश्योरेंस में GST समाप्त, पीएम मोदी का बड़ा शंखनाद
नईदिल्ली। केंद्र सरकार ने आम आदमी को बड़ा तोहफा देते हुए आम आदमी के काम आने वाली लगभग हर चीज पर जीएसटी घटा दी है. सरकार के इस फैसले से घी, पनीर, हेयर ऑयल, टीवी, फ्रीज, कार, मोटरसाइकिल और खेती में काम आने वाली बहुत सी चीजें सस्ती हो गई हैं. जीएसटी काउंसिल की56वीं बैठक में जीएसटी ढांचे में अहम बदलाव किए गए हैं. जीएसटी स्लैब की संख्या को चार से घटाकर दो कर दिया है. इसके साथ ही रोजमर्रा की जरूरत की बहुत सी वस्तुओं पर जीएसटी घटाई गई है. सरकार के इस फैसले से आम आदमी को बहुत राहत मिलेगी, क्योंकि जीएसटी घटने से घी, पनीर, दूध जैसे खाद्य पदार्थों के साथ ही टीवी, फ्रीज जैसी वस्तुएं भी सस्ती हो जाएंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से लागू हो जाएंगी.
लग्जरी गुड्स को 40 फीसदी के जीएसटी स्लैब में डाला गया है. मुख्य तौर पर अब जीएसटी की सिर्फ 2 स्लैब रह जाएंगी. अब अधिकांश उत्पाद और सेवाएं 5 व 18 फीसदी के स्लैब में आएंगी. जीएसटी काउंसिल की 2 दिवसीय बैठक कल यानी 4 सितंबर को खत्म होगी. इस बैठक की अगुआई केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं.
क्या सस्ता क्या महंगा
- जीवन रक्षक दवाइयों पर राहत – 33 दवाइयों पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया.
- गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती – कैंसर और रेयर डिजीज के इलाज वाली 3 दवाइयों पर टैक्स 5% से घटाकर 0% किया गया.
- अन्य मेडिसिन्स पर कटौती – कई दवाओं पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- किसानों के लिए फायदा – ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- बायोपेस्टीसाइड्स सस्ते – 12 बायोपेस्टीसाइड्स पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- प्राकृतिक मेंथॉल पर राहत – 12% से घटाकर 5% कर दिया गया.
- हस्तशिल्प और श्रम-प्रधान उद्योगों को लाभ – हैंडीक्राफ्ट, संगमरमर, ग्रेनाइट ब्लॉक और लेदर गुड्स पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किया गया.
- निर्माण क्षेत्र को बड़ी राहत – सीमेंट पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया.
- लक्जरी गाड़ियों पर भारी टैक्स – मिड-साइज और बड़ी कारों, 350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलों पर 40% जीएसटी लागू होगा.
- प्राइवेट जेट और यॉट्स पर टैक्स – निजी इस्तेमाल के लिए विमान, हेलिकॉप्टर और यॉट्स पर भी अब 40% टैक्स लगेगा.
- सिन गुड्स महंगे – पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों पर 40% जीएसटी लागू होगा.
- सॉफ्ट ड्रिंक्स पर भी टैक्स बढ़ा – सभी तरह के शीतल पेय और गैर-मादक पेय (जैसे शुगर ड्रिंक, फ्लेवर्ड वॉटर, कार्बोनेटेड फ्रूट जूस) पर 40% टैक्स लगेगा.
पान मसाला-गुटखा पर कब लगेगा नया जीएसटी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पान मसाला, तंबाकू और ऐसे सभी उत्पादों पर जब तक मुआवजा उपकर (compensation cess) का लोन चुकता नहीं हो जाता, तब तक 28% जीएसटी और उपकर लगेगा. जैसे ही यह लोन पूरा चुका दिया जाएगा, इन वस्तुओं पर सीधी 40% की दर लागू होगी।
हमने वादे को पूरा किया : नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री
मैं ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाने की बात कही थी। मुझे खुशी हैं कि जीएसटी काउंसिल ने केंद्र सरकार के जीएसटी दरों में कटौती और सुधारों के प्रस्तावों पर सहमति जताई है। इससे आम लोग, किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा लाभान्वित होंगे। ये व्यापक सुधार हमारे नागरिकों का जीवन बेहतर बनाएंगे और छोटे व्यापारियों व कारोबारियों के लिए व्यवसाय करना आसान करेंगे।
क्या है उद्योग जगत की राय
उद्योग जगत एवं निर्यातक समुदाय ने बुधवार को जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों को कर सुधारों की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे कारोबार क्षेत्रों एवं उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने के साथ वृद्धि भी तेज होगी. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने बयान में कहा, “जीएसटी सुधारों का कदम एक शानदार उपलब्धि है. 5 और 18 प्रतिशत की दो कर दरें ही रखने, रिफंड और एमएसएमई से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और व्यक्तिगत जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी हटाने जैसे दूरदर्शी फैसलों का हम स्वागत करते हैं. यह एक व्यापक बदलाव है.”
उन्होंने कहा कि कर ढांचे में इस स्पष्टता से अनुपालन आसान होगा, मुकदमे घटेंगे और कारोबारों एवं उपभोक्ताओं को पूर्वानुमान की सुविधा मिलेगी. बनर्जी ने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं और जरूरी कच्चे माल पर दरें कम होने से परिवारों को तत्काल राहत मिलेगी और वृद्धि की बुनियाद मजबूत होगी।